मेरा पहला दिन - अंसार अहमद और शरद कोकास 2.10.2009

















ब्लॉगिंग की दुनिया में प्रवेश कर रहा हूँ ग़ालिब के इस शेर के साथ

है और भी दुनिया में सुख़नवर बहुत अच्छे
कहते हैं कि ग़ालिब का है अन्दाज़े बयाँ और

आप सभी को मेरा अभिवादन - अंसार अहमद

टिप्पणियाँ

  1. ब्लॉगिंग की दुनिया में प्रवेश पर ढेर सारी शुभकामनाये । उम्मीद है यहाँ आपको बेहतर रचने का अवसर मिलेगा और आपकी प्रतिभा परवान चढ़ेगी - शुभकामनायें शरद

    जवाब देंहटाएं

एक टिप्पणी भेजें