1978 में एक फ़िल्म आई थी नाम था 'गमन' इसमें एक गज़ल थी जिसे गाया था छाया गांगुली ने "आपकी याद आती रही रात भर " और इसका संगीत दिया था जयदेव ने । आपको पता है इस ग़ज़ल के शायर कौन थे वे थे मोहम्मद मख़दूम मोहिउद्दीन हुजरी
मख़दूम मोहियुद्दीन का जन्म हैदराबाद राज्य के मेदक जिले में अंदोल गांव में 4 फ़रवरी 1908 हुआ था।उन्होंने अपने गांव में अपनी स्कूली शिक्षा और धार्मिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में अपनी उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए हैदराबाद शहर चले गए, जहां उन्हें स्नातक की डिग्री प्राप्त हुई और इसके बाद मास्टर की डिग्री प्राप्त हुई। उन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय से 1936 में मास्टर की डिग्री अर्जित की। वे अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद हैदराबाद में ही बस गए और ब्रिटिश कब्जे के खिलाफ स्वतंत्र भारत के लिए लड़ाई में खुद को प्रतिबद्ध कर दिया।
मख़दूम भारत से उर्दू के एक शायर और मार्क्सवादी राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वे एक प्रतिष्ठित क्रांतिकारी उर्दू कवि थे। मखदूम एक उर्दू कवि और भारत के मार्क्सवादी राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वह एक क्रांतिकारी उर्दू कवि थे। उन्होंने हैदराबाद में प्रोग्रेसिव राइटर्स एसोसिएशन की स्थापना की वे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के साथ सक्रिय थे, और उन्होंने 1946-1947 के पूर्व में हैदराबाद राज्य के निजाम के खिलाफ तेलंगाना विद्रोह मे भी भाग लिया । 25 अगस्त 1969 को उनका निधन हुआ । लीजिए पढ़िए उनकी ये मशहूर गज़ल
आप की याद आती रही रात भर
चश्म-ए-नम मुस्कुराती रही रात भर
रात भर दर्द की शम्अ जलती रही
ग़म की लौ थरथराती रही रात भर
बाँसुरी की सुरीली सुहानी सदा
याद बन बन के आती रही रात भर
याद के चाँद दिल में उतरते रहे
चाँदनी जगमगाती रही रात भर
कोई दीवाना गलियों में फिरता रहा
कोई आवाज़ आती रही रात भर
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और इतना सब पढ़ लिया है तो छाया गांगुली की आवाज़ मे यह ग़ज़ल सुनना नहीं चाहेंगे ? तो यहाँ सुनिए पर क्लिक करें और सुनें .
प्रस्तुति : शरद कोकास
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